Phool aur Kaante Lyrics in Hindi – bhaktaaa | Hustle 5

Phool aur Kaante Lyrics in Hindi — bhaktaaa. Music by Aditya Pushkarna, Lyrics by Bhaktaaa. पढ़ें पूरे lyrics Lyrimint.in पर।

Phool aur Kaante Lyrics in Hindi by bhaktaaa

Phool aur Kaante Lyrics in Hindi — भक्ताआ की आवाज़ में "फूल और काँटे" एक ऐसा गाना है जो ज़िंदगी के दो पहलुओं — खूबसूरती और दर्द — को बेहद खूबसूरती से बयान करता है। आदित्य पुष्कर्ण के संगीत में सजा यह ट्रैक Hustle 5 अपना होमग्राउंड से लिया गया है और सुनने वालों के दिल को छू जाता है। नीचे पढ़ें Phool aur Kaante के पूरे Lyrics हिंदी में।

Song Details — Phool aur Kaante Lyrics in Hindi

🎤 Singerbhaktaaa
🎵 MusicAditya Pushkarna
✍️ LyricsBhaktaaa
💿 AlbumHustle 5 Apna Homeground
🎭 Castbhaktaaa

Phool aur Kaante — Official Video

Phool aur Kaante Lyrics in Hindi

( bhaktaaa )

मेरे रास्ते में
मेरे रास्ते में
मेरे रास्ते में कांटे थे मैं फूल ढूंढता हूँ
हांपते हुए भागा था सुकून ढूंढता हूँ
जो खून मेरा मांगे वो जुनून ढूंढता हूँ
हूँ लौंडा जमा देसी मैं कोई कूल ड्यूड ना हूँ

मेरी भूल चूक से सीखा
कभी भूल के भी चूकना नही
दाग जो निशाना तो फिर रुकना नही
छत पे खड़ा आसमान देख और याद रख
बिना पंखों के तू कूदना नही
रूठ जाना अपनों से पर उनको कभी भूलना नही

बाबे यह दुनिया के दस्तूरों से हूँ दूर
छाया ढूंढी पर नही मिली
है यह माया का कसूर
मैं चोर हो गया भूख मिटानी थी मची लूट
मेहनत के कतघरे में मेरा पसीना है सबूत

मेरे कागजों से पूछ
आई बीन ऑन दिस शिट फॉर लॉन्ग एनफ
चमकूँगा जब आँखों में तो
ऊपर देख के चौंकियो मत
मन में तेरे जलन आयेगी तू उसको रोकियो मत
मैं भी जल के चमका हूँ
यह बात पे थोड़ा गौर तू कर

मैं चुभने की जिम्मेदारी निभाता
थोड़ी सीख थोड़ा दर्द देके जाता
मुझे भवरों ने कान में आके बोला
गर तू होता नही तो हर कोई फूल तोड़ कर ले जाता

मेरे हिस्से के वोह फूल ढूंडता हूँ
जो भूल गया बाप के उसूल ढूंडता हूँ
येह मूला-वूला के पीछे का मूल ढूंडता हूँ
मेरे शहर वापस जाने का एक्सक्यूज़

नाह देयर एन्ट नो वे मैं कोई बहाना लगा दूँ
और भागुँ घर को वापस
बीज बोया पेड़ उगाया फल तो खाना है मुनासिब
रानी को बचाना है और मैं ही अकेला हातिम
फिर घर जाके बोलूँगा गेस हू़ज़ बैक मैं राकिम

'कॉज़ व्हेन आई बी ऑन द मिक होता शरीर से अलग
मेरा प्यार मेरी लिखाई मेरी भूख मेरी सनक
मेरे क़िस्से जानती है पानीपत से यहाँ की सड़क
ले मैंने कर दिखाया बाबे तो कस ले कमर

होना अमर तभी डिस्कोग्राफी भाड़ा रहा हूँ
लिखते हुए शब्दों पे सोने की परत छढ़ा रहा हूँ
सजा रहा हूँ
भर दूँगा मैं पूरा मेरा घड़ा लाओ
बजा रहा हूँ सुबह शाम दिन रात
मैं गाने इतने बना रहा हूँ

के वक्त से कसूर पूछ रहा हूँ
तरक़्क़ी और है कितनी ज़्यादा दूर पूछ रहा हूँ
जो खून मेरा माँगे वोह जुनून ढूंडता हूँ
हूँ लौंडा जमा देसी मैं कोई कूल ड्यूड न हूँ

मेरे रास्ते में काँटे थे मैं फूल ढूंडता हूँ
हाँपते हुए भागा था सुकून ढूंडता हूँ
जो खून मेरा माँगे वोह जुनून ढूंडता हूँ
हूँ लौंडा जमा देसी मैं कोई कूल ड्यूड न हूँ

देख मैं खुशबू हूँ किसी के लिए किसी की दवा हूँ
कहीं खिला कहीं सूखा पन्नों में पड़ा हूँ
जिसे मिला उसे कदर नहीं और बाकी तरसते हैं
मेरी साँस चल रही है जब तक काँटों से जुदा हूँ

मेरे… काँते थे
मैं फूल ढूँढता हूँ
राste में… काँते थे मैं फूल ढूँढता हूँ
मेरे राste में काँते थे मैं फूल ढूँढता हूँ
हाँ फूल ढूँढता हूँ
हाँ फूल ढूँढता हूँ

मेरे राste में काँते थे मैं फूल ढूँढता हूँ
येह मूला-वूला के पीछे का मूल ढूँढता हूँ

Phool aur Kaante — गाने का अर्थ

"फूल और काँटे" गाने में भक्ताआ ने ज़िंदगी की उस कड़वी-मीठी हकीकत को उजागर किया है, जहाँ खुशियाँ और तकलीफें हमेशा साथ-साथ चलती हैं, जैसे एक ही डाल पर फूल और काँटे एक साथ होते हैं। यह गाना इंसान को यह सिखाता है कि जीवन में दर्द से घबराने की बजाय उसे स्वीकार करो, क्योंकि तकलीफों के बिना कामयाबी की खुशबू अधूरी होती है।

Phool aur Kaante — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q.Phool aur Kaante गाना किसने गाया है?

Phool aur Kaante गाना bhaktaaa ने गाया है।

Q.Phool aur Kaante के lyrics किसने लिखे हैं?

Phool aur Kaante के lyrics Bhaktaaa ने लिखे हैं।

Q.Phool aur Kaante का संगीत किसने Compose किया है?

Phool aur Kaante का संगीत Aditya Pushkarna ने Compose किया है।

Q.Phool aur Kaante Lyrics Hindi में कहाँ पढ़ें?

Phool aur Kaante के पूरे lyrics Lyrimint.in पर पढ़ें।

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